भारत के संविधान निर्माता, महान समाज सुधारक और चिंतक बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर का दृष्टिकोण केवल कानून या राजनीति तक सीमित नहीं था।

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस केवल एक रस्म नहीं, बल्कि उन लाखों संघर्षशील, स्वाभिमानी और कामकाजी महिलाओं के सदियों के प्रतिरोध और बलिदान का परिणाम है,